How to start Datacenter or Domain and hosting business ?
Top Digital Marketing Companies
Top Flutter App Development Companies
How to earn money Online ?
How to start Ecommerce business ?
इंसानी खोपड़ियों से बने बर्तन, मानव त्वचा की कुर्सियां; अमेरिका का सबसे खौफनाक सीरियल किलर
BBDS App Download
× Bindass Bol Home About News Contact Search

ट्रंप के टैरिफ पर भारत क्यों नहीं कर रहा है पलटवार? जानें 9 बड़ी वजह

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वार पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' पॉलिसी के तहत कई देशों पर भारी शुल्क लगाए थे, जिनमें भारत भी शामिल था, लेकिन भारत ने हर बार सीधे-सीधे उसी अंदाज में पलटवार नहीं किया. मोदी सरकार ने ऐसा क्यों किया. क्या भारत ट्रंप के अंदाज में इसका जवाब नहीं दे सकता. इसका जवाब ये है कि भारत वैश्विक मामलों में कभी भी पलटवार नहीं करता. इसके पीछे कई वजह हैं, जिसे जानना जरूरी है. 
 
1. अमेरिका भारत के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर्स में से एक है. भारत की आईटी सेवाएं, फार्मा, हीरे-गहने और कपड़ा आदि उसी पर निर्भर है. अगर भारत पलटवार करता है तो अमेरिकी बाजार खोने का खतरा है. 

2.अमेरिका और भारत सिर्फ व्यापारिक पार्टनर नहीं, बल्कि रणनीतिक सहयोग भी हैं. रक्षा सौदे, इंडो–पैसिफिक में चीन को बैलेंस करना और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर अमेरिका अहम साझेदार है. टैरिफ पर आक्रामक जवाब देने से दोनों देशों के रक्षा और रणनीतिक रिश्ते बिगड़ सकते थे.

3. भारत के कई सेक्टर जैसे-कृषि और छोटे उद्योग पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहे थे. अमेरिका पर टैरिफ लगाने से वहां से आयात महंगा हो जाता, जिससे भारतीय उद्योगों को नुकसान पहुंच सकता था. भारत 'विन-विन' रणनीति अपनाना चाहता था. 

4. भारत ने हमेशा "रूल-बेस्ड ट्रेड" यानी WTO (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों का समर्थन किया है. ट्रंप का रवैया कई बार 'एकतरफा' माना गया है. जबकि भारत ने खुद को एक जिम्मेदार ट्रेड पार्टनर के तौर पर पेश किया है. ताकि वह दुनिया में 'संतुलित खिलाड़ी' दिख सके. 

5. भारत सरकार ने टकराव के बजाय बातचीत पर ज्यादा जोर दिया है. कई बार भारत ने आंशिक जवाबी टैरिफ लगाए, लेकिन पूरी तरह ट्रंप के अंदाज में पलटवार नहीं किया. 

6. भारत आईटी, रक्षा, स्टार्टअप और ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिकी निवेश और तकनीक पर काफी निर्भर है. टैरिफ वॉर से यह सहयोग प्रभावित हो सकता है. ऐसे में भारत का जवाबी टैरिफ लगाना सही होगा क्योंकि हमारा आईटी निर्यात साल 2024-25 में भारतीय 224.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें अमेरिका प्रमुख बाजार है. 

7. भारत-चीन तनाव के बीच अमेरिका, भारत के लिए रणनीतिक सहयोग की भूमिका निभा रहा है. भारत नहीं चाहता कि व्यापारिक विवाद इस साझेदारी को कमजोर करे.

8. विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत के राजदूत रहे जयंत दास गुप्ता का कहना है कि अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने से भारत की घरेलू और निर्यात बाजारों को ही नुकसान होगा. ऐसा करने से सर्विस सेक्टर में भी नुकसान हो सकता है, जिसे टालना जरूरी है. 

9. वैश्विक मामलों के जानकारों का कहना है कि चीन की तरह अमेरिका पर टैरिफ लगाना भारत के लिए आर्थिक नजरिए से फायदेमंद नहीं होगा. भारत के लिए सही रास्ता है कूटनीति, घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा. 

 भारत ने ट्रंप के टैरिफ युद्ध का सीधा जवाब न देकर रणनीतिक धैर्य दिखाया है. उसकी प्राथमिकता आर्थिक स्थिरता, रणनीतिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय छवि है. यही वजह है कि भारत ने ट्रंप की 'आक्रामक टैरिफ पॉलिसी' का पलटवार उसी अंदाज में नहीं किया बल्कि एक संतुलित रास्ता अपनाया.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Dhirendra Mishra

01 Sep 2025  ·  Published: 05:45 IST

तेजस्वी की जिद पर राहुल गांधी का सियासी पंच, पिछलग्गू बनने को तैयार नहीं, पटना के सदाकत आश्रम में CWC की बैठक आज

राहुल गांधी

राहुल गांधी

लोकसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में महागठबंधन की जमीन खिसकती दिख रही है. तेजस्वी यादव जहां कांग्रेस पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि कांग्रेस किसी की पिछलग्गू बनने को तैयार नहीं है. ऐसे माहौल में पटना के सदाकत आश्रम में आज होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक खास मायने रखती है, क्योंकि यही से आने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति तय होगी.

दरअसल,बिहार की राजनीति में 35 साल से ज्यादा समय से हाशिए पर रही कांग्रेस अब अपने पुराने जनाधार को वापस पाने की कवायद में जुटी है. राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' ने जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह जगाया है, वहीं पटना के सदाकत आश्रम में होने वाली CWC की बैठक ने सियासी हलचल और तेज कर दी है. कांग्रेस इस बैठक के जरिए न केवल अपनी रणनीति तय करेगी बल्कि विपक्षी एकजुटता के बड़े संदेश भी देने की कोशिश करेगी. इसका सबसे ज्यादा लाभ पार्टी के नेताओं को मिलेगा. 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बिहार में हाल की 'वोटर अधिकार यात्रा' ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एक नई उम्मीद दी है. उनकी जनसभाओं और पदयात्राओं से कार्यकर्ताओं में जोश लौटा है, वही जोश अब संगठन को सक्रिय कर रहा है. इस यात्रा का ही नतीजा है कि बिहार जैसे राजनीतिक रूप से अहम राज्य में पार्टी के जिला स्तर तक के नेता सक्रिय हो गए हैं. प्रदेश की जनता से कांग्रेस के नेता सीधा संपर्क कर रहे हैं. कांग्रेस अपने जनाधार को फिर से वापस पाने की कोशिश में जुट गई है. 

85 साल बाद पटना के सदाकत आश्रम में CWC बैठक क्यों?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस पार्टी राज्य में पूरी ताकत झोंक रही है. 24 सितंबर को राहुल गांधी बिहार पहुंचेंगे. इतना ही नहीं, कांग्रेस की सबसे ऊंची निर्णय-लेने वाली समिति सीडब्ल्यूसी की बैठक भी पटना के सदाकत आश्रम होगी. पटना में होने वाली यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि पिछली बार सीडब्ल्यूसी की बैठक बिहार में आजादी से पहले साल 1940 में ही हुई थी. यानी 85 साल के बाद कांग्रेस की सबसे बड़ी बैठक फिर से बिहार आ रही है. 1940 की पटना CWC बैठक में जिन बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था, उनमें महात्मा गांधी, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, प्रोफेसर अब्दुल बारी, श्रीकृष्ण सिन्हा (बिहार के पहले मुख्यमंत्री) और उस दौर के अन्य प्रमुख कांग्रेस नेता भी शामिल थे. 

सीडब्ल्यूसी की बैठक को लेकर पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधानमंडल दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि कांग्रेस नेताओं ने नीतीश सरकार के साथ केंद्र की मोदी सरकार को भी घेरा. प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि पटना में सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक बिहार और पूरे देश के मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनेगी. बेरोजगारी, महंगाई, अपराध, पेपर लीक, महिलाओं पर अत्याचार और किसानों की दुर्दशा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी. इसके अलावा, पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश के के चुनावी रणनीति भी तैयार करेंगे. ताकि नीतीश सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना संभव हो सके.


पटना के सदाकत आश्रम का क्या है इतिहास

पटना स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय यानी सदाकत आश्रम प्रदेश की राजधानी के दीघा क्षेत्र की गंगा नदी के किनारे, हवाई अड्डे से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित है. यह भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ . राजेंद्र प्रसाद के आवासों में से एक था, जो सेवानिवृत्ति के बाद यहीं रहे और अपने जीवन के अंतिम दिन वहीं बिताए.
फिर सदाकत आश्रम कांग्रेस की ऐतिहासिक धरोहर है. यहां से स्वतंत्रता आंदोलन और बाद की राजनीति में कई अहम फैसले लिए गए. अब फिर से यही जगह कांग्रेस की भविष्य की रणनीति का गवाह बनेगी. इस बैठक में संगठन की मजबूती, गठबंधन की दिशा और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है.
 


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Dhirendra Mishra

24 Sep 2025  ·  Published: 06:11 IST

1 अक्टूबर से बदले 5 बड़े नियम, हर घर और जेब पर पड़ेगा असर; जानें कब खुले और कब बंद रहेंगे बैंक

File

फाइल फोटो

सितंबर खत्म होने के साथ ही अक्टूबर 2025 की शुरुआत कई बड़े बदलावों के साथ हुई है. हर महीने की तरह इस बार भी कई ऐसे नियम लागू हुए हैं, जो सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. इनमें LPG सिलेंडर की कीमत से लेकर UPI और रेलवे टिकट बुकिंग तक कई बदलाव शामिल हैं. आइए जानते हैं इन पांच बड़े बदलावों के बारे में आसान भाषा में.

1. एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा
त्योहारी सीजन में रसोई का बजट बिगाड़ने वाली खबर आई है. 1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है. दिल्ली में अब यह 1595 रुपये का मिलेगा, जबकि मुंबई में 1547 रुपये, कोलकाता में 1700 रुपये और चेन्नई में 1754 रुपये. हालांकि, घरेलू 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

2. हवाई सफर होगा महंगा
एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला ईंधन महंगा हो गया है. दिल्ली में अब इसकी कीमत 93,766 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है. मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी रेट बढ़े हैं. इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा क्योंकि एयरलाइंस टिकट के दाम बढ़ा सकती हैं.

3. रेल टिकट बुकिंग का नया नियम
अब ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग में नया नियम लागू हो गया है. रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा है. यह नियम फिलहाल IRCTC की वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू होगा. हालांकि, रेलवे काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए कोई बदलाव नहीं है.

4. यूपीआई से जुड़ा बदलाव
यूपीआई यूजर्स के लिए भी नया नियम लागू हुआ है. NPCI ने P2P (पीयर-टू-पीयर) कलेक्ट ट्रांजैक्शन फीचर को 1 अक्टूबर से हटा दिया है. यह फैसला सिक्योरिटी और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए लिया गया है. अब यह फीचर किसी भी UPI ऐप पर उपलब्ध नहीं होगा.

5. अक्टूबर में बैंकों की बंपर छुट्टियां
त्योहारी सीजन में अक्टूबर महीने में बैंकों की 21 छुट्टियां रहेंगी. इनमें गांधी जयंती, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा जैसी छुट्टियां शामिल हैं. साथ ही दूसरे-चौथे शनिवार और रविवार को भी बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, ये छुट्टियां हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Taushif

01 Oct 2025  ·  Published: 08:48 IST

नोएडा में अमीरी की रफ्तार ने ली मासूम की जान! BMW सवार रईसजादों का कहर

रईसजादों ने ली मासूम की जान

रईसजादों ने ली मासूम की जान

दिल्ली एनसीआर की घटना सिर्फ एक्सीडेंट नहीं था… ये रईसी की वो रफ्तार थी, जो नियमों को रौंदती चली गई. दरअसल, नोएडा की एक सड़क पर दो बिगड़ैल रईसजादों ने स्कूटी से ऐसी टक्कर मारी कि एक मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. दो और शख्स का जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में इलाज जारी है. इस घटना से साफ है कि क्या सड़कों पर अब कानून नहीं, पैसे की ताकत दौड़ रही है? 

यह मामला सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने सेक्टर 30 में तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार द्वारा स्कूटी को टक्कर मारने के आरोप में दो कॉलेज छात्रों को गिरफ्तार किया है. इस दुर्घटना में 5 साल की बच्ची की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब गुल मोहम्मद अपनी बेटी को मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जा रही थीं.

बीएमडब्लू कार जब्त 

नोएडा पुलिस ने पुष्टि की है कि दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है और यश शर्मा और अभिषेक रावत नाम के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है. नोएडा पुलिस यह पता लगाने के लिए जांच में जुटी है कि क्या आरोपी दुर्घटना के समय नशे में थे या लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

नामी स्कूल में पढ़ते हैं आरोपी छात्र 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूटी इतनी तेज थी कि ड्राइवर को ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला. स्कूटी सवार दोनों छात्र पास के एक नामी प्राइवेट स्कूल के बताए जा रहे हैं और बेहद अमीर परिवार से हैं. हादसे के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया है. नोएडा पुलिस ने ग्रेटर नोएडा दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. 

न्याय की मांग तेज 

सोशल मीडिया पर न्याय की मांग तेज लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि क्या सिर्फ अमीर होने से इंसाफ टल जाएगा? क्या इन बिगड़ैल रईसजादों को कड़ी सजा मिलेगी या फिर मामला पैसे के दम पर रफा-दफा कर दिया जाएगा? परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है और आम जनता सोशल मीडिया पर #JusticeForKids की मांग कर रही है. 

एक दिन पहले भी हुई थी दो की मौत 

यह घटना ग्रेटर नोएडा के बादलपुर इलाके में एक और जानलेवा सड़क दुर्घटना की सूचना के ठीक एक दिन बाद हुई है. शनिवार शाम, स्कूटी सवार तीन युवकों को दादरी जाते समय सैदपुर नहर के पास एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी. तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें दादरी के मोहन स्वरूप अस्पताल ले जाया गया. फैजान और अनस नाम के दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीसरे की हालत गंभीर बनी हुई है.


BBDS Logo

Bindass Bol Dil Se

Written by: Dhirendra Mishra

28 Jul 2025  ·  Published: 00:48 IST